हर सोमवार नई गणना · निरयण (लाहिड़ी) · Swiss Ephemeris

इस सप्ताह का राशिफल: 2–8 नवंबर 2026

यहाँ मेष से मीन तक बारहों राशियों का इस सप्ताह का राशिफल एक साथ मिलता है, और राशि का मतलब है आपकी चंद्र राशि। हर राशि के कार्ड पर लिखा है कि सूर्य इन सात दिनों में उस राशि के लिए जीवन का कौन-सा क्षेत्र आगे लाता है, जबकि पृष्ठ के निचले हिस्से में सप्ताह भर के गोचर की सूची है। अपनी राशि खोलते ही सप्ताह का मुख्य विषय, चंद्र के दिन-प्रतिदिन बदलते भाव, अमावस्या या पूर्णिमा पड़े तो उसका पाठ, शुक्र, मंगल और बुध के अलग खंड और सप्ताह के सबसे सहज घंटे सामने आ जाते हैं। हर सोमवार यह पृष्ठ नए सप्ताह के आकाश के हिसाब से ख़ुद बदल जाता है।

मेष से मीन: 2–8 नवंबर 2026 का साप्ताहिक राशिफल

मेष

सप्ताह का विषय: विवाह और साझेदारीमेष राशिफल पढ़ें

वृषभ

सप्ताह का विषय: दैनिक काम और स्वास्थ्यवृषभ राशिफल पढ़ें

मिथुन

सप्ताह का विषय: प्रेम, रचनात्मकता और संतानमिथुन राशिफल पढ़ें

कर्क

सप्ताह का विषय: घर, माता और सुखकर्क राशिफल पढ़ें

सिंह

सप्ताह का विषय: पराक्रम, भाई-बहन और संवादसिंह राशिफल पढ़ें

कन्या

सप्ताह का विषय: धन, परिवार और वाणीकन्या राशिफल पढ़ें

तुला

सप्ताह का विषय: आप और आपका व्यक्तित्वतुला राशिफल पढ़ें

वृश्चिक

सप्ताह का विषय: व्यय, विश्राम और भीतरी जीवनवृश्चिक राशिफल पढ़ें

धनु

सप्ताह का विषय: लाभ, मित्र और इच्छाएँधनु राशिफल पढ़ें

मकर

सप्ताह का विषय: कर्म, करियर और लक्ष्यमकर राशिफल पढ़ें

कुंभ

सप्ताह का विषय: भाग्य, यात्रा और ज्ञानकुंभ राशिफल पढ़ें

मीन

सप्ताह का विषय: साझा धन और गहरे बदलावमीन राशिफल पढ़ें

2–8 नवंबर 2026 का साप्ताहिक गोचर

तारीखघटना
6 नवंबर को 01:14 बजेशुक्र वक्री होकर कन्या में लौटता है

साप्ताहिक राशिफल की गणना कैसे होती है

हर सोमवार भारतीय मानक समय के अनुसार नए सप्ताह की ग्रह स्थितियाँ Swiss Ephemeris से ली जाती हैं और लाहिड़ी अयनांश लगाकर निरयण राशियों में रखी जाती हैं। भावों की गिनती पूर्ण राशि पद्धति से होती है: आपकी चंद्र राशि पहला भाव है, उसके ठीक बाद वाली राशि दूसरा भाव, और इसी क्रम में बारहवें भाव तक। इसके बाद प्रणाली देखती है कि सूर्य ये सात दिन किस भाव में बिताता है, चंद्र किन-किन भावों से किस घड़ी गुज़रता है और बीच में कोई अमावस्या या पूर्णिमा आती है या नहीं। शुक्र, मंगल और बुध के भाव तथा उनकी वक्री चाल भी इसमें जुड़ती है। हर मेल के लिए उन पाठों में से एक चुना जाता है जो ख़ास तौर पर एक सप्ताह की अवधि को ध्यान में रखकर लिखे गए हैं।

साप्ताहिक राशिफल से सप्ताह की योजना कैसे बनाएँ

सोमवार सुबह, दिन का काम शुरू करने से पहले, सप्ताह का मुख्य विषय पढ़ लें और अपनी कार्य-सूची में उसी क्षेत्र से जुड़े दो-तीन काम सबसे ऊपर रखें। दिन-प्रतिदिन वाला खंड बताता है कि किस तारीख और किस घंटे चंद्र आपके किस भाव को जगाता है; दफ़्तर की ज़रूरी मीटिंग, रिश्तेदारों से मिलना, बाज़ार का काम या आराम का समय इन्हीं खंडों के हिसाब से रखा जा सकता है। सबसे सहज दिनों की सूची इंटरव्यू, कोई फ़ॉर्म जमा करने, पहली मुलाक़ात या नई पहल के लिए अनुकूल घंटे दिखाती है। किसी ग्रह के वक्री होने का नोट दिखे तो उस सप्ताह नई शुरुआत से ज़्यादा अधूरे काम निपटाने और पुरानी बातों को दोबारा परखने पर ज़ोर दें।

दैनिक, साप्ताहिक और मासिक राशिफल: कौन-सा कब पढ़ें

आज का राशिफल एक ही तारीख का मूड पकड़ता है, और मासिक राशिफल सूर्य की एक संक्रांति से अगली संक्रांति तक का मुख्य विषय बताता है। साप्ताहिक राशिफल इन दोनों के बीच का पुल है: इसमें सूर्य से मिला सात दिनों का विषय भी है और चंद्र की वह चाल भी, जो हर दो-तीन दिन में भाव बदल देती है। योजना बनाने के लिए साप्ताहिक, उसी दिन के फ़ैसलों के लिए दैनिक और बड़ी तस्वीर के लिए मासिक पृष्ठ अच्छा साथी है। ध्यान रहे कि ये सब सामान्य प्रवृत्तियाँ हैं; आपकी पूरी जन्म कुंडली, यानी लग्न, नक्षत्र, चल रही दशा और शुक्र-मंगल की स्थिति, इस तस्वीर को काफ़ी बदल सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साप्ताहिक राशिफल कब अपडेट होता है?

भारतीय मानक समय (IST) में हर सोमवार का दिन शुरू होते ही पृष्ठ नए सप्ताह की ग्रह स्थितियों के साथ अपने-आप बदल जाते हैं, और आमतौर पर एक घंटे के भीतर नया पाठ दिखने लगता है। यहाँ सप्ताह सोमवार से रविवार तक गिना जाता है; दिन-प्रतिदिन खंड में लिखे सारे समय भी IST में ही हैं।

इस सप्ताह का राशिफल चंद्र राशि से देखें या लग्न से?

ये पृष्ठ आपकी जन्म की चंद्र राशि को पहला भाव मानकर बने हैं, जो गोचर देखने की पुरानी भारतीय रीति है; इसके लिए जन्म तिथि और मोटा-मोटा जन्म समय काफ़ी होता है। लग्न जानने के लिए सटीक समय और स्थान चाहिए, पर वह पता हो तो लग्न वाली राशि का पृष्ठ भी पढ़ें। दोनों पाठों में जो बात दोहराई जाए, उसे सप्ताह का असली एजेंडा समझें। नाम के पहले अक्षर वाली नाम राशि से पढ़ना आपकी अपनी पसंद है, लेकिन यहाँ की गणना जन्म राशि पर ही टिकी है।

सप्ताह के सबसे अच्छे दिन कैसे चुने जाते हैं?

वैदिक ज्योतिष में पहला, पाँचवाँ और नौवाँ भाव त्रिकोण कहलाते हैं और शुभ माने जाते हैं। चंद्र जब आपकी राशि से इन्हीं भावों में, यानी आपकी अपनी राशि या आपके ही तत्व की राशियों में होता है, वे घंटे सूची में आते हैं। पारंपरिक चंद्र गोचर फल और तारा बल शुभ समय को अलग कसौटी से परखते हैं, इसलिए यह सूची एक सरल संकेत भर है; ज़रूरी फ़ैसले अपनी परिस्थितियों को देखकर ही लें।

क्या यह साप्ताहिक राशिफल कोई ज्योतिषी लिखता है?

नहीं। ग्रहों की स्थिति गणना से आती है और पाठ हर भाव के लिए पहले से तैयार संग्रह में से चुने जाते हैं। इसका फ़ायदा यह है कि एक ही सप्ताह में एक राशि के सभी पाठकों पर एक जैसा पैमाना लागू होता है, और हर पाठ के ठीक ऊपर उसका आधार, यानी ग्रह, राशि और भाव, साफ़ लिखा रहता है।

संबंधित पृष्ठ

ये पाठ किसी ज्योतिषी का हाथ से लिखा अनुमान नहीं हैं: सप्ताह की ग्रह स्थितियाँ Swiss Ephemeris से निकालकर लाहिड़ी अयनांश से निरयण की जाती हैं, और हर ग्रह आपकी चंद्र राशि से गिने गए जिस भाव में पड़ता है, उसी के अनुसार पाठ चुना जाता है। लग्न मालूम हो तो उस नाम की राशि का साप्ताहिक राशिफल भी पढ़ें।