वैदिक ज्योतिष · लाहिड़ी अयनांश · पूरी तरह मुफ्त
मुफ्त जन्म कुंडली बनाएं
जन्म कुंडली आपके जन्म के क्षण और स्थान से बना आकाश का नक्शा है, जो बताता है कि उस समय लग्न और नवग्रह किन राशियों, भावों और नक्षत्रों में थे। नीचे जन्म तिथि, समय और स्थान भरें; Swiss Ephemeris और लाहिड़ी अयनांश से आपकी वैदिक कुंडली, नवांश और दशा कुछ ही क्षणों में तैयार होगी, बिना खाता बनाए।
ग्रहों की स्थिति खगोलीय गणना से निकाली जाती है। ज्योतिषीय अर्थ प्रतीकात्मक व्याख्याएँ हैं, ये वैज्ञानिक व्यक्तित्व परीक्षण या भविष्य की निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
पूरी वैदिक जन्म कुंडली देखें: उत्तर या दक्षिण भारतीय शैली में D1 और नवांश, ग्रहों के नक्षत्र-पद, महादशा-अंतर्दशा तालिका तथा मांगलिक, काल सर्प और साढ़े साती की स्थिति।
कुंडली मिलानवर और कन्या की जन्म जानकारी से 36 गुणों का अष्टकूट मिलान करें: वर्ण से नाड़ी तक आठों कूटों के अंक, नाड़ी-भकूट दोष और मांगलिक तुलना।
आज का राशिफलसभी 12 राशियों का आज का राशिफल असली ग्रह गोचर से बनता है। आपकी चंद्र राशि पहला भाव मानी जाती है और ग्रह स्थितियाँ निरयन लाहिड़ी होती हैं।
जन्म कुंडली क्या दिखाती है: लग्न, राशि और नक्षत्र
जन्म कुंडली के तीन मुख्य स्तंभ हैं। लग्न वह राशि है जो आपके जन्म के समय पूर्वी क्षितिज पर उदित हो रही थी; यही पहला भाव बनती है और बाकी सभी भावों का क्रम तय करती है। राशि, यानी जन्म राशि, वह राशि है जिसमें उस समय चंद्रमा था; भारत में नामकरण, गोचर, साढ़े साती और दैनिक राशिफल इसी से देखे जाते हैं। नक्षत्र चंद्रमा का 27 में से एक तारा-खंड है। उससे गण, योनि और नाड़ी तय होते हैं, जो आगे कुंडली मिलान में काम आते हैं, और उसका पद नाम का पहला अक्षर सुझाता है। परिणाम में सूर्य से केतु तक नौ ग्रहों की राशि, अंश, भाव और वक्री स्थिति भी मिलती है। इन सबको साथ पढ़ना ही कुंडली पढ़ना है; कोई एक बिंदु अकेले पूरी कहानी नहीं कहता।
जन्म समय और स्थान क्यों ज़रूरी हैं, और कौन सा अयनांश
लग्न औसतन हर दो घंटे में राशि बदलता है और चंद्रमा एक दिन में करीब 13 अंश आगे बढ़ जाता है, इसलिए दस-पंद्रह मिनट का अंतर भी लग्न, भाव या नवांश बदल सकता है। जन्म स्थान से अक्षांश और देशांतर मिलते हैं, जिनके बिना क्षितिज और लग्न की गणना संभव नहीं। उसी स्थान के ऐतिहासिक समय क्षेत्र नियम आपकी घड़ी के समय को UTC में बदलते हैं, ताकि युद्धकाल में घड़ियाँ आगे करने जैसे पुराने बदलाव छूट न जाएँ। राशियाँ निरयन पद्धति से गिनी जाती हैं और अयनांश लाहिड़ी (चित्रपक्ष) है, वही जिसे भारत का राष्ट्रीय पंचांग और अधिकांश छपे पंचांग अपनाते हैं। जन्म समय पक्का न हो तो पहले जन्म प्रमाण पत्र देखें, और राशि की सीमा पर बैठे लग्न को अंतिम न मानें।
विंशोत्तरी दशा और नवांश (D9) कैसे पढ़ें
विंशोत्तरी दशा 120 वर्ष का चक्र है जिसमें नौ ग्रह बारी-बारी से महादशा चलाते हैं: केतु 7, शुक्र 20, सूर्य 6, चंद्र 10, मंगल 7, राहु 18, गुरु 16, शनि 19 और बुध 17 वर्ष। जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में था, उसका स्वामी पहली महादशा देता है, और नक्षत्र का जितना भाग पार होना बाकी था, उसी अनुपात में वह दशा शेष रहती है। हर महादशा नौ अंतर्दशाओं में बँटती है; तालिका में अभी चल रही अवधि अलग से चिह्नित रहती है। नवांश राशि के नौवें हिस्से, यानी 3 अंश 20 कला, पर बनी कुंडली है, जिसे विवाह, साझेदारी और ग्रहों के भीतरी बल को समझने के लिए पढ़ा जाता है। जो ग्रह D1 और D9 दोनों में एक ही राशि में हो, उसे वर्गोत्तम कहते हैं।
कुंडली मिलान और आज का राशिफल यहाँ कैसे बनते हैं
कुंडली मिलान में दोनों व्यक्तियों की जन्म तिथि, समय और स्थान से चंद्र नक्षत्र और राशि निकाली जाती है, फिर वर्ण, वश्य, तारा, योनि, ग्रह मैत्री, गण, भकूट और नाड़ी के अंक जोड़कर 36 में से गुण बताए जाते हैं; साथ में मांगलिक दोष और उसके पारंपरिक परिहार भी जाँचे जाते हैं। आज का राशिफल किसी ज्योतिषी की हाथ से लिखी भविष्यवाणी नहीं है। हर दिन के लिए Swiss Ephemeris से ग्रहों की निरयन लाहिड़ी स्थितियाँ निकलती हैं, आपकी चंद्र राशि को पहला भाव माना जाता है और ग्रह जिस भाव से गुज़र रहा है, उसी के अनुसार पहले से लिखी व्याख्याएँ जुड़ती हैं। इसलिए दोनों परिणाम दोहराए जा सकते हैं: उसी जानकारी पर दोबारा गणना करें तो वही उत्तर मिलेगा।
कुंडली मिलान: जन्म कुंडली
क्या यहाँ जन्म कुंडली सच में मुफ्त है?
हाँ, पूरी तरह मुफ्त। न खाता बनाना पड़ता है, न ईमेल या फ़ोन नंबर देना पड़ता है, और न ही कोई भुगतान वाला हिस्सा छिपा है। लग्न, राशि, नक्षत्र, नवांश, विंशोत्तरी दशा और तीनों दोषों की जाँच एक ही पृष्ठ पर तुरंत मिलती है। कुंडली मिलान और आज का राशिफल भी इसी तरह निःशुल्क हैं।
कुंडली बनाने के लिए कौन सी जानकारी चाहिए?
केवल तीन चीज़ें: जन्म तिथि, जन्म का समय (घंटा और मिनट) और जन्म स्थान। स्थान लिखते समय सुझाव सूची से सही शहर चुनें, ताकि उसके निर्देशांक और समय क्षेत्र अपने आप लग जाएँ। नाम की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि गणना केवल जन्म के समय आकाश की स्थिति पर आधारित है, नाम के अक्षर पर नहीं।
जन्म का सही समय पता न हो तो क्या करें?
समय भरना ज़रूरी है, क्योंकि उसके बिना लग्न और भाव तय नहीं होते। अगर केवल अनुमान है, जैसे “सुबह के आसपास”, तो चंद्र राशि और नक्षत्र अधिक भरोसेमंद रहेंगे, बशर्ते उस दिन चंद्रमा ने नक्षत्र न बदला हो। लग्न, भाव और नवांश को तब तक अस्थायी मानें, जब तक जन्म प्रमाण पत्र या परिवार के पुराने कागज़ों से समय पक्का न हो जाए।
मेरी कुंडली दूसरी वेबसाइट से अलग क्यों आ रही है?
ऐसा अंतर लगभग हमेशा गणना के विकल्पों से आता है। पहले देखें कि दोनों जगह अयनांश लाहिड़ी है या नहीं, भाव पूर्ण राशि पद्धति से हैं या भाव चलित से, और राहु मध्यम पात है या स्पष्ट पात। फिर जन्म स्थान के निर्देशांक और UTC समय मिलाएँ। ये सब एक जैसे हों तो ग्रहों के अंशों में बहुत मामूली फर्क रहेगा, राशि या नक्षत्र में नहीं।
क्या मेरी जन्म जानकारी कहीं सहेजी जाती है?
नहीं। जन्म तिथि, समय, स्थान और बनी हुई कुंडली हमारे डेटाबेस में नहीं रखी जातीं। गणना के लिए जानकारी सर्वर तक जाती है, लेकिन सहेजी नहीं जाती; परिणाम केवल आपकी स्क्रीन पर रहता है और पृष्ठ ताज़ा करते ही गायब हो जाता है। इसलिए कुंडली संभालकर रखनी हो तो उसका स्क्रीनशॉट ले लें या ग्रहों की तालिका अपने पास लिख लें।
क्या यह कुंडली भविष्य पक्का बता सकती है?
नहीं। ज्योतिष एक प्रतीकात्मक परंपरा है और यह कुंडली उस परंपरा के अनुसार ग्रहों की सटीक स्थिति देती है, कोई निश्चित भविष्यवाणी नहीं। दशा, दोष और गोचर को आत्मचिंतन और योजना के संकेत की तरह पढ़ें। स्वास्थ्य, कानून या पैसे से जुड़े निर्णयों के लिए योग्य विशेषज्ञ से सलाह लें, और डर दिखाकर बेचे जाने वाले महंगे उपायों से पहले ठहरकर सोचें।