हर महीने अपडेट · निरयण (लाहिड़ी) · Swiss Ephemeris
वृश्चिक राशि का मासिक राशिफल: नवंबर 2026
महीने का मुख्य विषय
16 नवंबर तक सूर्य आपकी राशि से भाव 12 में है (व्यय, विश्राम और भीतरी जीवन)।
16 नवंबर से सूर्य वृश्चिक राशि में प्रवेश करता है (संक्रांति), और ध्यान भाव 1 पर आ जाता है (आप और आपका व्यक्तित्व)।
सूर्य अब पर्दे के पीछे चलता है, और यह समय भीतर की ओर मुड़ने का निमंत्रण है। शोर से थोड़ी दूरी, अकेले बिताए पल, ध्यान या डायरी लेखन मन को नई स्पष्टता देते हैं। बाहरी गति धीमी लगे तो खुद को दोष न दें; अगली शुरुआत की तैयारी चुपचाप यहीं होती है। खर्च बिना सोचे बढ़ सकते हैं, इसलिए हिसाब पर हल्की नज़र रखें। पुराने अध्याय बंद करने और अधूरी बातें समेटने का भी यही मौसम है। हर रात सोने से पहले कुछ मिनट बिना फ़ोन के शांत बैठें और दिन को मन ही मन विदा करें।
अमावस्या · 9 नवंबर
9 नवंबर: तुला राशि में अमावस्या, आपकी राशि से भाव 12 (व्यय, विश्राम और भीतरी जीवन)।
यह शांत, भीतरी शुरुआत है, जो बाहर से दिखती नहीं पर गहराई तक जाती है। ध्यान, एकांत, डायरी या आत्म-चिंतन का कोई नया अभ्यास अभी शुरू करें। किसी पुराने अध्याय को मन ही मन बंद करने का संकल्प भी यहीं से जन्म लेता है, और दूसरों की निःस्वार्थ मदद का छोटा काम मन को हल्का करता है। हर दिन कुछ मिनट मौन के लिए रखें और जो विचार आएँ, उन्हें बिना परखे लिख लें।
पूर्णिमा · 24 नवंबर
24 नवंबर: वृषभ राशि में पूर्णिमा, आपकी राशि से भाव 7 (विवाह और साझेदारी)।
रिश्तों पर पूर्णिमा का प्रकाश पड़ता है, और साझेदारी में जो दबा था वह सामने आता है। कोई समझौता पूरा हो सकता है, कोई वादा निभता है या किसी संबंध की वास्तविक तस्वीर साफ़ होती है। अपनी और सामने वाले की ज़रूरतों के बीच संतुलन खोजें, और अनुचित अपेक्षाओं को छोड़ दें। तीखी बहस की जगह ठहरकर सुनें; यह भावनात्मक गर्मी कुछ ही दिनों में शांत हो जाती है।
प्रेम, सुख और धन: शुक्र
शुक्र इस महीने का अधिकांश समय कन्या राशि में बिताता है, जो आपकी राशि से भाव 11 है (लाभ, मित्र और इच्छाएँ)।
6 नवंबर: शुक्र कन्या राशि में प्रवेश करता है, यानी आपकी राशि से भाव 11।
22 नवंबर: शुक्र तुला राशि में प्रवेश करता है, यानी आपकी राशि से भाव 12।
मित्रता इस महीने सबसे सुखद रंग में दिखती है। किसी समूह, क्लब या सामुदायिक आयोजन में आप लोगों को जोड़ने का काम सहज ढंग से करते हैं। दोस्तों के बीच से कोई नया स्नेह भी जन्म ले सकता है। भविष्य के सपने मित्रों के साथ बाँटें; उनकी उत्साह भरी प्रतिक्रिया आपको आगे बढ़ने का भरोसा देती है। कोई छोटा-सा मिलन ख़ुद आयोजित करें।
शुक्र 3 अक्टूबर से 14 नवंबर तक वक्री है।
शुक्र वक्री होने पर प्रेम और धन के मामले समीक्षा माँगते हैं। कोई पुराना प्रेम या पुरानी दोस्ती फिर याद आ सकती है; उससे जुड़ी भावना को समझें, पर जल्दबाज़ी में निर्णय न लें। बड़ी ख़रीदारी और रूप-रंग में बड़े बदलाव कुछ समय टालें। यह परखने का अच्छा समय है कि आपके लिए सचमुच क्या मूल्यवान है।
ऊर्जा और काम: मंगल
मंगल इस महीने का अधिकांश समय सिंह राशि में बिताता है, जो आपकी राशि से भाव 10 है (कर्म, करियर और लक्ष्य)।
12 नवंबर: मंगल सिंह राशि में प्रवेश करता है, यानी आपकी राशि से भाव 10।
महत्वाकांक्षा इस महीने पूरी गति पकड़ती है। आप करियर में आगे बढ़ने, नई ज़िम्मेदारी लेने या किसी बड़े लक्ष्य को पाने के लिए जी-जान से जुटते हैं। अधिकारियों या प्रतिस्पर्धियों से टकराव हो सकता है, इसलिए अपनी ताक़त काम की गुणवत्ता से दिखाएँ, शब्दों से नहीं। एक स्पष्ट लक्ष्य चुनें, उसे छोटे चरणों में बाँटें और हर सप्ताह अपनी प्रगति जाँचें।
संवाद और निर्णय: बुध
बुध इस महीने का अधिकांश समय तुला राशि में बिताता है, जो आपकी राशि से भाव 12 है (व्यय, विश्राम और भीतरी जीवन)।
बुध इस महीने बाहर की बहस से ज़्यादा भीतर के संवाद को महत्व देता है। अकेले में लिखना, पढ़ना, मनन करना या दिन भर की बातें शाम को डायरी में उतारना मन को सुलझाता है। अधूरे पत्र, पुराने ईमेल और बंद हो चुके मामलों के कागज़ समेटने के लिए यह अच्छा समय है। किसी बड़ी घोषणा को कुछ दिन टालें और पहले खुद से ईमानदार बातचीत करें।
बुध 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक वक्री है।
बुध की वक्री अवधि नई शुरुआत से ज़्यादा दोहराने और सुधारने का समय है। भेजने से पहले संदेश, ईमेल के पते और अनुबंध की शर्तें फिर से पढ़ें। फ़ोन और कंप्यूटर का बैकअप लें, और यात्रा के टिकट व समय जाँच लें। अधूरे काम पूरे करने और किसी पुराने परिचित से संपर्क जोड़ने के लिए यह उपयुक्त समय है।
गुरु और शनि
गुरु आपकी राशि से भाव 10 में है (कर्म, करियर और लक्ष्य) और वहाँ विस्तार लाता है; शनि भाव 5 में है (प्रेम, रचनात्मकता और संतान) और वहाँ धैर्य तथा व्यवस्था माँगता है। वृश्चिक राशिफल 2027
नवंबर 2026 की आपकी मुख्य तारीखें
| तारीख | घटना | आपका भाव |
|---|---|---|
| 6 नवंबर को 01:14 बजे | शुक्र वक्री होकर कन्या में लौटता है | भाव 11 |
| 9 नवंबर को 12:32 बजे | अमावस्या (तुला) | भाव 12 |
| 12 नवंबर को 20:12 बजे | मंगल का सिंह में गोचर | भाव 10 |
| 13 नवंबर को 21:23 बजे | बुध मार्गी (तुला) | भाव 12 |
| 14 नवंबर को 05:57 बजे | शुक्र मार्गी (कन्या) | भाव 11 |
| 16 नवंबर को 19:40 बजे | सूर्य का वृश्चिक में गोचर | भाव 1 |
| 22 नवंबर को 17:11 बजे | शुक्र का तुला में गोचर | भाव 12 |
| 24 नवंबर को 20:24 बजे | पूर्णिमा (वृषभ) | भाव 7 |
चंद्र गोचर का कैलेंडर
चंद्र लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है। जिन दिनों चंद्र गोचर आपकी राशि में या आपके ही तत्व (अग्नि, पृथ्वी, वायु, जल) की दूसरी दो राशियों में होता है, वे दिन अधिकतर लोगों को नई शुरुआत या ज़रूरी बातचीत के लिए सहज लगते हैं। यह एक सामान्य संकेत है, मुहूर्त नहीं; किसी ख़ास कार्य का मुहूर्त पूरी कुंडली और पंचांग देखकर ही तय होता है।
चंद्र आपकी राशि में: ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ा हुआ
- 10 नव॰ – 12 नव॰ (वृश्चिक)
चंद्र आपके ही तत्व की राशि में: काम सहज गति से चलते हैं
- 1 नव॰ – 3 नव॰ (कर्क)
- 20 नव॰ – 22 नव॰ (मीन)
- 28 नव॰ – 30 नव॰ (कर्क)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नवंबर 2026 में वृश्चिक राशि वालों को किस पर ध्यान देना चाहिए?
महीने के ज़्यादातर दिनों में सूर्य आपके भाव 12 (व्यय, विश्राम और भीतरी जीवन) को रोशन करता है, और यही इस महीने का मुख्य विषय है। 16 नवंबर के बाद भाव 1 (आप और आपका व्यक्तित्व) आगे आता है।
नवंबर 2026 में वृश्चिक राशि के लिए मुख्य तारीखें कौन-सी हैं?
इस महीने की ख़ास तारीखें: 9 नवंबर: अमावस्या (तुला); 13 नवंबर: बुध मार्गी (तुला); 14 नवंबर: शुक्र मार्गी (कन्या); 16 नवंबर: सूर्य का वृश्चिक में गोचर; 24 नवंबर: पूर्णिमा (वृषभ)। सभी तारीखें और समय इस पृष्ठ की तालिका में दिए गए हैं।
क्या नवंबर 2026 में वृश्चिक राशि के लिए कोई ग्रह वक्री है?
हाँ। बुध 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक वक्री है। शुक्र 3 अक्टूबर से 14 नवंबर तक वक्री है। वक्री काल में बिल्कुल नई शुरुआत के बजाय समीक्षा, सुधार और अधूरे काम पूरे करना बेहतर रहता है।
सभी 12 राशियों का मासिक राशिफल, नवंबर 2026
संबंधित पृष्ठ
इन पाठों के पीछे अंदाज़ा नहीं, गणना है: महीने का आकाश Swiss Ephemeris से निकाला जाता है और ग्रह स्थितियाँ निरयण (लाहिड़ी अयनांश) में ली जाती हैं। राशि का अर्थ है आपकी चंद्र राशि, जो जन्म कुंडली में लिखी होती है; हर ग्रह इससे गिने गए जिस भाव में है, उसी के अनुसार पाठ चुना जाता है। यदि आपका लग्न ज्ञात है, तो उस राशि का पृष्ठ भी खोलकर देखें।