साल के 366 दिन · Swiss Ephemeris, लाहिड़ी अयनांश
16 सितंबर को जन्मे लोग: सूर्य राशि सिंह या कन्या
मुख्य जानकारी
- सूर्य राशि
- ♌︎ सिंह
- तत्व
- अग्नि
- प्रकृति
- स्थिर
- स्वामी ग्रह
- सूर्य
- द्रेष्काण
- द्रेष्काण 3 · मंगल
- सूर्य का अंश
- सिंह 29° (दोपहर की स्थिति, वर्षों का औसत)
- मूलांक
- 7 · केतु
- वर्ष का दिन क्रमांक 259
संक्रांति के आसपास: राशि वर्ष और जन्म समय पर निर्भर
1940–2030 के वर्षों को देखें तो इस तारीख को सूर्य 65 वर्ष सिंह राशि में था और 26 वर्ष कन्या राशि में। जिस दिन सूर्य की संक्रांति होती है, उस दिन जन्म का समय ही तय करता है कि राशि कौन-सी होगी; पक्का उत्तर पाने के लिए अपने जन्म समय से गणना करें।
सूर्य राशि सिंह, द्रेष्काण 3
द्रेष्काण स्वामी: मंगल
सिंह की आग को मंगल हवा देता है, इसलिए आपके नेतृत्व में साहस के साथ कर्म की गति भी होती है। आप सिर्फ़ नेतृत्व की बातें नहीं करते, मैदान में उतरकर उदाहरण पेश करते हैं। प्रतियोगिता, खेल, प्रशासन या कोई भी ऐसा क्षेत्र जहाँ तुरंत निर्णय चाहिए, आपको ऊर्जावान बनाता है। निडर होकर सही बात के लिए खड़े होना आपकी ख़ूबी है। पर तेज़ स्वभाव और दबदबा बनाने की प्रवृत्ति टकराव पैदा कर सकती है। सहकर्मियों को आदेश देने से पहले उनकी राय लें। रिश्तों में जीत-हार की भावना छोड़कर साझेदारी का आनंद लें।
मूलांक 7 · केतु
केतु का संबंध भीतर की यात्रा से माना जाता है, इसलिए इस अंक वाले अक्सर गहराई से सोचने और आत्मचिंतन करने वाले होते हैं। आप सतही बातों से जल्दी ऊब जाते हैं और शोध, अध्यात्म या किसी विषय की जड़ तक पहुँचने में आनंद पाते हैं। अंतर्ज्ञान आपकी सबसे भरोसेमंद शक्ति है। दूसरी ओर, अपनी भावनाएँ छिपाने से लोग आपको दूर या रूखा समझ सकते हैं। रोज़ थोड़ी देर ध्यान या प्रकृति में टहलना अपनाएँ, और किसी करीबी से मन की बात खुलकर कहें।
सितंबर में जन्मे लोग
मानसून की विदाई और शरद ऋतु का आगमन, सितंबर इन दोनों के बीच का पुल है। धुले पेड़, तालाबों में खिले कमल और हल्की ठंडी सुबहें इस महीने को ताज़गी और व्यवस्था का भाव देती हैं, जो इस समय जन्मे लोगों की बारीक नज़र से भी मेल खाता है। सिंह में बैठा सूर्य लगभग 17 सितंबर को कन्या राशि में कदम रखता है; इसी कन्या संक्रांति पर कई जगह विश्वकर्मा पूजा होती है। गणेश चतुर्थी और ओणम अक्सर इसी महीने या उससे पहले आते हैं, और कई वर्षों में महीने के अंत तक पितृ पक्ष शुरू हो जाता है।
16 सितंबर को जन्मी प्रसिद्ध हस्तियाँ
- ली क्वान यू (1923)सिंगापुर के पहले प्रधानमंत्री (का. 1959–1990)
- Lauren Bacall (1924)American actress (1924–2014)
- B. B. King (1925)American blues guitarist, singer, and songwriter (1925–2015)
- कार्ल डोनित्स (1891)नाज़ी ऐडमिरल (1891–1980)
- हेनरी पंचम (1386)इंग्लैंड के राजा (शा. 1413–1422)
- फ्रांस ईमिल सिल्लनपा (1888)फिनलैंड के उपन्यासकार (1888-1964)
- Albert Szent-Györgyi (1893)Hungarian biochemist, Nobel Prize laureate in Physiology or Medicine in 1937 (1893–1986)
- David Copperfield (1956)American illusionist
स्रोत: Wikidata (CC0); क्रम विकिपीडिया की भाषाओं की संख्या के आधार पर है।
सिंह राशि से सबसे अच्छा मेल रखने वाली राशियाँ
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
16 सितंबर को जन्मे लोगों की राशि क्या है?
16 सितंबर को पैदा हुए व्यक्ति की निरयन सूर्य राशि सिंह है (17 अगस्त – 16 सितंबर)। तत्व: अग्नि; स्वामी ग्रह: सूर्य। वैदिक ज्योतिष में मुख्य राशि चंद्र राशि मानी जाती है, जो जन्म कुंडली से पता चलती है। यह तारीख सूर्य की संक्रांति के करीब पड़ती है: 1940–2030 के बीच 65 वर्ष सूर्य राशि सिंह रही और 26 वर्ष कन्या। सही सूर्य राशि जन्म के वर्ष और समय से तय होती है।
16 सितंबर को जन्मे लोगों का स्वभाव कैसा होता है?
इनका जन्म सूर्य राशि सिंह के द्रेष्काण 3 में होता है, जिसका स्वामी मंगल है। सिंह की आग को मंगल हवा देता है, इसलिए आपके नेतृत्व में साहस के साथ कर्म की गति भी होती है। आप सिर्फ़ नेतृत्व की बातें नहीं करते, मैदान में उतरकर उदाहरण पेश करते हैं। प्रतियोगिता, खेल, प्रशासन या कोई भी ऐसा क्षेत्र जहाँ तुरंत निर्णय चाहिए, आपको ऊर्जावान बनाता है। निडर होकर सही बात के लिए खड़े होना आपकी ख़ूबी है। पर तेज़ स्वभाव और दबदबा बनाने की प्रवृत्ति टकराव पैदा कर सकती है। सहकर्मियों को आदेश देने से पहले उनकी राय लें। रिश्तों में जीत-हार की भावना छोड़कर साझेदारी का आनंद लें।
16 सितंबर को कौन-कौन सी मशहूर हस्तियाँ पैदा हुईं?
16 सितंबर को जन्मे जाने-पहचाने नामों में ली क्वान यू, Lauren Bacall, B. B. King, कार्ल डोनित्स, हेनरी पंचम शामिल हैं।
आगे देखें
सूर्य राशि 1940–2030 के वर्षों के लिए दोपहर (UTC) की निरयन लाहिड़ी स्थितियों से निकाली गई है; संक्रांति वाली तारीखों पर सही राशि जन्म समय पर निर्भर करती है। वैदिक राशि यानी चंद्र राशि जानने के लिए जन्म कुंडली ज़रूरी है। द्रेष्काण और मूलांक के विवरण पारंपरिक, प्रतीकात्मक व्याख्याएँ हैं।