धनु
- तारीखें
- 16 दिसंबर – 13 जनवरी
- तत्व
- अग्नि
- स्वामी ग्रह
- गुरु
महीनों के अनुसार राशि
14 जनवरी को जन्मे लोगों की सूर्य राशि जन्म के वर्ष और समय के अनुसार मकर या धनु हो सकती है।
सीधा उत्तर: जनवरी का जन्मदिन धनु या मकर राशि में आता है, और यह बँटवारा मकर संक्रांति से होता है। संक्रांति से पहले के दिनों में जन्मे लोगों का सूर्य धनु में होता है, उसके बाद वाले लगभग आधे महीने में मकर में। यह वैदिक परंपरा की निरयन सूर्य राशि है, इसलिए पश्चिमी तारीखों वाली सूची से अलग दिख सकती है। भारत में बहुत से लोग अपनी चंद्र राशि को ही मुख्य राशि मानते हैं, जो जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति से तय होती है, इसलिए दोनों जानना उपयोगी है। जनवरी में जन्मे लोग अक्सर साल की पहली सुबह से ही अगले महीनों की योजना बना लेते हैं और ज़िम्मेदारी को हल्के में नहीं लेते।
धनु के सूर्य वाले लोग खुले मन के होते हैं: अचानक बनी यात्रा, नई किताब या किसी अजनबी से लंबी बहस उन्हें ताज़ा कर देती है। मकर वाले वही यात्रा तभी पसंद करते हैं जब टिकट, बजट और लौटने की तारीख पहले से तय हो। प्रेम में धनु वाले हँसी-मज़ाक और आज़ादी चाहते हैं, जबकि मकर वाले भरोसा धीरे-धीरे बनाते हैं और वादे कम पर पक्के करते हैं। काम पर धनु वाले बड़े विचार सुझाते हैं, मकर वाले उन्हें समय-सीमा और ठोस कदमों में बदल देते हैं। गुरु और शनि के स्वामित्व का यही फ़र्क इन दोनों में झलकता है।
किसी भी दिन पर क्लिक करके आप उस दिन जन्मे लोगों की निरयन सूर्य राशि, द्रेष्काण और उसी दिन जन्मी प्रसिद्ध हस्तियाँ देख सकते हैं।
स्रोत: Wikidata (CC0); क्रम विकिपीडिया की भाषाओं की संख्या के आधार पर है।
जनवरी में सूर्य दो राशियों से गुज़रता है: 1 – 13 जनवरी के बीच जन्मे लोगों की निरयन सूर्य राशि धनु और 14 – 31 जनवरी के बीच जन्मे लोगों की मकर होती है। सीमा वाले दिनों में राशि जन्म के वर्ष और समय के अनुसार बदल सकती है।
14 जनवरी सूर्य के राशि बदलने का दिन है। इस तारीख को जन्मे व्यक्ति की सूर्य राशि जन्म के वर्ष और समय के अनुसार मकर या धनु हो सकती है; सटीक परिणाम के लिए अपने जन्म समय के साथ गणना करें।
ज़्यादातर जनवरी जातक व्यावहारिक, धैर्यवान और अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर दिखते हैं। दोस्तों के बीच वही अक्सर पिकनिक का पूरा इंतज़ाम या खर्च का हिसाब सँभालते हैं। भावनाएँ जल्दी ज़ाहिर नहीं करते, पर रिश्ते लंबे समय तक निभाते हैं। फिर भी पूरी तस्वीर लग्न, चंद्रमा, शुक्र और मंगल की स्थिति से ही बनती है।
सूर्य राशि 1940–2030 के वर्षों के लिए दोपहर (UTC) की निरयन लाहिड़ी स्थितियों से निकाली गई है; संक्रांति वाली तारीखों पर सही राशि जन्म समय पर निर्भर करती है। वैदिक राशि यानी चंद्र राशि जानने के लिए जन्म कुंडली ज़रूरी है। द्रेष्काण और मूलांक के विवरण पारंपरिक, प्रतीकात्मक व्याख्याएँ हैं।