प्रेम
शुक्र · भाव 12प्रेम इन हफ्तों में चुपचाप भीतर की ओर मुड़ता है, किसी छुपे लगाव, अनदेखी सुलह या अपनी ही संगत के सुख की ओर। आराम की छूट लें, पुरानी ठेस माफ़ करें और हफ्ते की एक शाम खाली रखें।
प्रतिदिन नई गणना · लाहिड़ी अयनांश · Swiss Ephemeris
शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
चंद्र कन्या राशि में है; आपकी राशि से यह भाव 12 है (व्यय, विश्राम और भीतरी जीवन)।
ऊर्जा आज कुछ कम है, और इसमें चिंता की बात नहीं। जो टल सकता है उसे टालें, शाम खाली रखें और बेवजह के खर्च से बचें। सपने, अंतर्मन की आवाज़ और कुछ पल का ध्यान आज असली संदेश लाते हैं; भीड़ थका सकती है।
आज चुपके से आत्म-संदेह और फीका-सा अकेलापन आ सकता है, जो अक्सर वास्तविक स्थिति से बड़ा होता है। इस मनोदशा से पूरे जीवन को न तौलें। अपेक्षाएँ घटाएँ, अगला छोटा काम करें और किसी करीबी को फ़ोन करें।
प्रेम इन हफ्तों में चुपचाप भीतर की ओर मुड़ता है, किसी छुपे लगाव, अनदेखी सुलह या अपनी ही संगत के सुख की ओर। आराम की छूट लें, पुरानी ठेस माफ़ करें और हफ्ते की एक शाम खाली रखें।
महत्वाकांक्षा इन दिनों ऊँची आवाज़ में बोलती है। पदोन्नति, नए ग्राहक या किसी साफ दिखने वाली जीत के लिए आप ज़ोर लगाते हैं, और लोग आपकी लगन देखते हैं। बस वरिष्ठों से टकराव मोल न लें। सबसे अहम लक्ष्य चुनें और खुलकर उसके पीछे जाएँ।
अगले कुछ सप्ताह आपके शब्दों में विशेष असर है, इसलिए उन्हें सोच-समझकर चुनें। अपनी पहचान और इच्छाओं पर विचार तेज़ी से आते हैं; उड़ने से पहले उन्हें कागज़ पर उतार लें। बैठकों में पहल करें और अपना परिचय नए सिरे से गढ़ें।
चंद्र कला: घटता अर्धचंद्र (कृष्ण पक्ष) · %9 अमावस्या से पहले के ये दिन चंद्र मास के सबसे शांत दिन हैं। ऊर्जा कम रहती है और मन अपने-आप भीतर झाँकता है, इसलिए बिना अपराधबोध आराम करें। जो पूरा हो सके, पूरा करें और बाकी को अभी जाने दें।
बुध वक्री। बुध वक्री है, इसलिए कुछ भी भेजने से पहले तारीख, पते और संलग्न फ़ाइलें दोबारा जाँचें। यात्रा और उपकरणों में छोटी रुकावटें आ सकती हैं, समय थोड़ा अतिरिक्त रखें। पुराने विचारों और पुराने परिचितों से फिर जुड़ने के लिए यह अच्छी अवधि है।
शुक्र वक्री। शुक्र वक्री है, यानी प्रेम और धन के मामलों में जल्दबाज़ी नहीं, समीक्षा का समय। पुराने रिश्ते या पुरानी इच्छाएँ फिर उभर सकती हैं, सोच-समझकर कदम रखें। अचानक की खरीदारी और पहनावे के बड़े बदलाव टालें, और परखें कि आपको सचमुच क्या प्रिय है।
चंद्र कन्या राशि में है; आपकी राशि से यह भाव 12 है (व्यय, विश्राम और भीतरी जीवन)।
ऊर्जा कल कुछ कम है, और इसमें चिंता की बात नहीं। जो टल सकता है उसे टालें, शाम खाली रखें और बेवजह के खर्च से बचें। सपने, अंतर्मन की आवाज़ और कुछ पल का ध्यान कल असली संदेश लाते हैं; भीड़ थका सकती है।
कल जोश भी है और साफ़ सोच भी, यह मेल बहुत कुछ पूरा करा देता है। जो काम टल रहा था, उसे निपटा दें, बैठक में अपनी बात रखें या दौड़ने निकल जाएँ। साहस बना रहता है और लोग आपकी सीधी बात सराहते हैं।
प्रेम इन हफ्तों में चुपचाप भीतर की ओर मुड़ता है, किसी छुपे लगाव, अनदेखी सुलह या अपनी ही संगत के सुख की ओर। आराम की छूट लें, पुरानी ठेस माफ़ करें और हफ्ते की एक शाम खाली रखें।
महत्वाकांक्षा इन दिनों ऊँची आवाज़ में बोलती है। पदोन्नति, नए ग्राहक या किसी साफ दिखने वाली जीत के लिए आप ज़ोर लगाते हैं, और लोग आपकी लगन देखते हैं। बस वरिष्ठों से टकराव मोल न लें। सबसे अहम लक्ष्य चुनें और खुलकर उसके पीछे जाएँ।
अगले कुछ सप्ताह आपके शब्दों में विशेष असर है, इसलिए उन्हें सोच-समझकर चुनें। अपनी पहचान और इच्छाओं पर विचार तेज़ी से आते हैं; उड़ने से पहले उन्हें कागज़ पर उतार लें। बैठकों में पहल करें और अपना परिचय नए सिरे से गढ़ें।
चंद्र कला: घटता अर्धचंद्र (कृष्ण पक्ष) · %4 अमावस्या से पहले के ये दिन चंद्र मास के सबसे शांत दिन हैं। ऊर्जा कम रहती है और मन अपने-आप भीतर झाँकता है, इसलिए बिना अपराधबोध आराम करें। जो पूरा हो सके, पूरा करें और बाकी को अभी जाने दें।
बुध वक्री। बुध वक्री है, इसलिए कुछ भी भेजने से पहले तारीख, पते और संलग्न फ़ाइलें दोबारा जाँचें। यात्रा और उपकरणों में छोटी रुकावटें आ सकती हैं, समय थोड़ा अतिरिक्त रखें। पुराने विचारों और पुराने परिचितों से फिर जुड़ने के लिए यह अच्छी अवधि है।
शुक्र वक्री। शुक्र वक्री है, यानी प्रेम और धन के मामलों में जल्दबाज़ी नहीं, समीक्षा का समय। पुराने रिश्ते या पुरानी इच्छाएँ फिर उभर सकती हैं, सोच-समझकर कदम रखें। अचानक की खरीदारी और पहनावे के बड़े बदलाव टालें, और परखें कि आपको सचमुच क्या प्रिय है।
इस सप्ताह चंद्र क्रम से इन भावों से गुजरता है: भाव 12 · भाव 1 · भाव 2; हर दिन का माहौल इसी के साथ बदलेगा।
8 नवंबर 2026: अमावस्या, आपके लिए भाव 1 (आप और आपका व्यक्तित्व); नई शुरुआत के लिए अच्छा दिन।
पूरे महीने रोशनी आप पर टिकी है। शरीर में ऊर्जा लौटती है और लोग आपका आत्मविश्वासी रूप तुरंत पहचानते हैं। बस अहं और चिड़चिड़ाहट को हावी न होने दें। लंबे समय से टलता काम अभी अपने नाम से शुरू करें।
दोस्त और जान-पहचान इस साल बढ़त की धुरी हैं। सही समूह ऐसे मौके लाता है जिनकी योजना आप नहीं बना सकते थे, और भविष्य की उम्मीदें बड़ी होती हैं। दूसरों के कामों में हाथ बँटाएँ, भलाई घूमकर लौटती है।
आपकी दिनचर्या लंबे समय तक शनि की पाठशाला है। काम और मानक बढ़ते हैं, शरीर बहादुरी के झटकों से ज़्यादा नियमितता चाहता है। इनाम है ऐसी दक्षता जिस पर लोग भरोसा करें। एक-एक पक्की आदत बनाएँ और नींद बचाएँ।
अपनी राशि और लग्न सही-सही जानने के लिए हमारी मुफ्त जन्म कुंडली बनाएँ। लग्न पता हो तो उस नाम की राशि का राशिफल भी पढ़ें; लग्न से गिने गए भाव दिन की घटनाओं को और करीब से दिखाते हैं। अपनी राशि और लग्न जानें
हर दिन के लिए भारतीय मानक समय की दोपहर की ग्रह स्थितियाँ Swiss Ephemeris से निकालकर लाहिड़ी अयनांश से निरयण की जाती हैं। आपकी राशि पहला भाव मानी जाती है और चंद्र, सूर्य, बुध, शुक्र, मंगल, गुरु व शनि के भाव तय होते हैं। फिर चंद्र का सबसे निकट योग, उसकी कला और उस दिन के वक्री ग्रह जोड़े जाते हैं। पाठ इसी मेल से चुने जाते हैं; कोई लेखक इन्हें हाथ से नहीं लिखता।
भारतीय ज्योतिष की परंपरा के अनुसार यह राशिफल आपकी राशि अर्थात जन्म के समय चंद्र जिस राशि में था, उसके लिए है। ग्रह स्थितियाँ निरयण हैं, इसलिए आपकी राशि पश्चिमी सूर्य राशि से अक्सर अलग निकलती है। अगर आपको केवल अपनी पश्चिमी सूर्य राशि मालूम है, तो हमारी मुफ्त जन्म कुंडली में जन्म तिथि, समय और स्थान भरें; वहाँ आपकी राशि, नक्षत्र और लग्न तीनों मिल जाएँगे।
हाँ, यह उपयोगी रहता है। इस पृष्ठ पर भाव आपकी चंद्र राशि से गिने जाते हैं, जो दैनिक राशिफल की पारंपरिक पद्धति है। लग्न पता हो तो उसी नाम वाली राशि का पृष्ठ भी खोलें। लग्न से गिने भाव कई बार दिन की घटनाओं से ज़्यादा मेल खाते हैं, जबकि चंद्र राशि वाला पाठ मन की स्थिति को बेहतर पकड़ता है।
हिंदी पृष्ठों की गणना भारतीय मानक समय (IST) से होती है। दिनांक बदलने के आधे घंटे के भीतर नया राशिफल दिखने लगता है। जिस दिन चंद्र राशि बदलता है, उस दिन सुबह और शाम का माहौल अलग लग सकता है, इसलिए ऐसे दिनों में कल का राशिफल भी एक नज़र देख लें।
राशिफल ज्योतिष परंपरा की प्रतीकात्मक भाषा है: ग्रहों की स्थिति वास्तविक गणना से आती है, उसका अर्थ प्रतीकात्मक है। कोई भी निर्णय केवल इसके आधार पर न लें। चंद्र: कन्या.