2027 का आकाश · लाहिड़ी अयनांश · Swiss Ephemeris से गणना

मकर राशिफल 2027

मकर राशि के लिए 2027 का केंद्र आप स्वयं और आपके रिश्ते हैं। राहु पूरे साल आपकी ही राशि में और केतु सातवें भाव में रहता है, सो पहचान और साझेदारी का संतुलन सबसे बड़ा पाठ है। जनवरी के आखिर से जून तक गुरु सातवें भाव में विवाह और अनुबंधों पर कृपा बरसाता है, फिर आठवें भाव में साझा धन की ओर मुड़ता है और नवंबर के अंत में नवें भाव से भाग्य जगाता है। राशि स्वामी शनि ज़्यादातर तीसरे भाव से पराक्रम बढ़ाता है। जिनकी जन्म कुंडली में चंद्रमा मकर में है, यह फलादेश उन्हीं के लिए है।

2027 एक नज़र में

गुरु
सिंह · भाव 8 (1 जन॰ – 25 जन॰) → कर्क · भाव 7 (25 जन॰ – 26 जून) → सिंह · भाव 8 (26 जून – 26 नव॰) → कन्या · भाव 9 (26 नव॰ – 31 दिस॰)
शनि
मीन · भाव 3 (1 जन॰ – 3 जून) → मेष · भाव 4 (3 जून – 20 अक्टू॰) → मीन · भाव 3 (20 अक्टू॰ – 31 दिस॰)
शनि की स्थिति
साढ़े साती या ढैय्या नहीं (1 जन॰ – 3 जून) → ढैय्या · चौथा भाव (कंटक शनि) (3 जून – 20 अक्टू॰) → साढ़े साती या ढैय्या नहीं (20 अक्टू॰ – 31 दिस॰)
राहु-केतु
राहु: मकर · भाव 1; केतु: कर्क · भाव 7
ग्रहण
6 फ़र॰: भाव 1 · 21 फ़र॰: भाव 8 · 18 जुल॰: भाव 1 · 2 अग॰: भाव 7 · 17 अग॰: भाव 1
बुध वक्री
9 फ़र॰: भाव 2 → भाव 1 · 10 जून: भाव 6 · 7 अक्टू॰: भाव 10 → भाव 9
आपकी राशि में शुक्र
24 फ़र॰ – 21 मार्च · 15 दिस॰ – 31 दिस॰

प्रेम और संबंध

रिश्तों के लिहाज़ से मकर राशि वालों के लिए यह खास साल बन सकता है। साल की पहली छमाही में गुरु सातवें भाव से गुज़रता है, जिसे सगाई, विवाह की बातचीत या किसी गंभीर रिश्ते को औपचारिक रूप देने के लिए अनुकूल माना जाता है। केतु भी पूरे साल इसी भाव में है, इसलिए गहरा जुड़ाव चाहते हुए भी अपनी निजी जगह की ज़रूरत महसूस होगी; इसे दबाने के बजाय सहजता से कह दें। जनवरी से मार्च तक वक्री मंगल आठवें से सातवें भाव में लौटकर पुरानी शिकायतें उभार सकता है, सो बहस से पहले पूरा सुनें। अगस्त का पूर्ण सूर्य ग्रहण सातवें भाव में रिश्ते की दिशा पर ईमानदार निर्णय की ओर ले जाता है। 24 फरवरी के बाद लगभग चार सप्ताह शुक्र मकर में रहकर आपका आकर्षण बढ़ाता है।

करियर और कामकाज

काम के मैदान में राहु का आपकी राशि पर होना महत्वाकांक्षा को तीखा करता है; लोग आपको नोटिस करेंगे, बस छवि और असली क्षमता के बीच फ़ासला न बनने दें। राशि स्वामी शनि तीसरे भाव में लेखन, बिक्री, प्रस्तुति और नए कौशल की कोशिशों को धीरे पर पक्का फल देता है। जनवरी से जून तक सातवें भाव का गुरु क्लाइंट और व्यापारिक साझेदारी के रास्ते तरक्की ला सकता है, पर अप्रैल की शुरुआत तक मंगल वक्री रहने से हर शर्त दो बार पढ़ें। जून में बुध छठे भाव में वक्री होकर दफ़्तर की दिनचर्या और लंबित फ़ाइलें सुधारने का मौका देता है। जून से अक्टूबर के बीच चौथे भाव का शनि घर और नौकरी के बीच संतुलन माँगता है। अक्टूबर का बुध वक्री दसवें भाव में किसी पुराने प्रोजेक्ट को अंतिम रूप देने में मदद करता है।

धन और संसाधन

मकर राशि की आर्थिक हलचल इस बार आठवें भाव से उठती है। जून के आखिर से नवंबर तक गुरु वहाँ रहकर जीवनसाथी की आय, बीमा, संयुक्त संपत्ति या विरासत के विषय सुलझाने में साथ दे सकता है। फरवरी में इसी भाव का उपच्छाया चंद्र ग्रहण किसी पुराने कर्ज़ या साझा खर्च का हिसाब पूरा करने की याद दिलाता है। उसी महीने बुध धन भाव में उल्टा चलना शुरू करता है; बैंक की पासबुक और बिल ध्यान से मिलाएँ। राहु दिखावे पर खर्च बढ़ा सकता है; बड़ी खरीद से पहले पूछें कि यह ज़रूरत है या सिर्फ़ छवि।

गुरु गोचर: कहाँ बढ़त मिलती है

सिंह · भाव 8 (1 जन॰ – 25 जन॰) → कर्क · भाव 7 (25 जन॰ – 26 जून) → सिंह · भाव 8 (26 जून – 26 नव॰) → कन्या · भाव 9 (26 नव॰ – 31 दिस॰)

मकर राशि के लिए गुरु का यह वर्ष साझेदारी से गहराई और फिर आस्था तक की यात्रा है। जनवरी के अंत में वक्री गुरु कर्क में लौटकर आपके सातवें भाव में आता है; कर्क उसकी उच्च राशि है और वहाँ से उसकी सातवीं दृष्टि सीधे आपकी राशि पर पड़ती है, इसलिए जीवनसाथी, व्यापारिक साझेदार और समझौतों के क्षेत्र में यह गोचर विशेष सहायक माना जाता है। अप्रैल में गुरु की चाल सीधी होते ही रुकी बातचीतें आगे बढ़ सकती हैं। जून के अंत से सिंह का गुरु आठवें भाव में साझा संसाधन, शोध और पुराने भावनात्मक ढर्रे छोड़ने पर ध्यान ले जाता है। नवंबर के आखिरी सप्ताह में कन्या का गुरु नवें भाव में पिता, गुरुजन, उच्च शिक्षा और लंबी यात्रा के दरवाज़े खोलता है।

शनि गोचर, साढ़े साती और ढैय्या

साढ़े साती या ढैय्या नहीं (1 जन॰ – 3 जून) → ढैय्या · चौथा भाव (कंटक शनि) (3 जून – 20 अक्टू॰) → साढ़े साती या ढैय्या नहीं (20 अक्टू॰ – 31 दिस॰)

राशि स्वामी होने से शनि मकर वालों के लिए हमेशा व्यक्तिगत अर्थ रखता है। साल की शुरुआत में वह मीन में आपके तीसरे भाव में है, जिसे गोचर में शनि की शुभ स्थितियों में गिना जाता है: पराक्रम, लेखन, छोटी यात्राएँ और भाई-बहनों के साथ सहयोग मेहनत से मज़बूत होते हैं, और तब मकर पर न साढ़े साती का असर है, न ढैय्या का। 3 जून को शनि मेष में प्रवेश कर चौथे भाव में आता है और 20 अक्टूबर तक ढैय्या (कंटक शनि) रहती है; मकान, मरम्मत, वाहन या माता की देखभाल में धैर्य और योजना काम आएगी। अगस्त से वक्री होकर शनि अक्टूबर के उत्तरार्ध में तीसरे भाव में लौटता है और ढैय्या समाप्त होती है; तब अधूरी घरेलू योजनाएँ बिना दबाव के पूरी करें।

ग्रहण और राहु-केतु

6 फ़र॰: भाव 1 · 21 फ़र॰: भाव 8 · 18 जुल॰: भाव 1 · 2 अग॰: भाव 7 · 17 अग॰: भाव 1

मकर राशि को 2027 के ग्रहण सबसे सीधे छूते हैं, क्योंकि राहु आपकी राशि पर और केतु सातवें भाव में हैं और पाँच में से तीन ग्रहण पहले भाव में पड़ते हैं। आपकी ही राशि की अमावस्या पर लगने वाला फरवरी का वलयाकार सूर्य ग्रहण अपनी छवि और व्यक्तिगत लक्ष्यों को दोबारा गढ़ने का बीज है। उसी महीने आठवें भाव का उपच्छाया चंद्र ग्रहण साझा पैसों की गाँठ खोलता है। जुलाई-अगस्त की दोनों पूर्णिमाएँ आपकी राशि में उपच्छाया ग्रहण हैं, जिन पर परंपरा में प्रायः सूतक नहीं लगता; ये थकान पहचानकर खुद को सँभालने के पड़ाव हैं। सातवें भाव पर पड़ने वाला 2 अगस्त का पूर्ण सूर्य ग्रहण साझेदारी को नई दिशा देता है; सूतक और दृश्यता स्थान अनुसार बदलती है, स्थानीय पंचांग देखें।

बुध और मंगल वक्री

9 फ़र॰: भाव 2 → भाव 1 · 10 जून: भाव 6 · 7 अक्टू॰: भाव 10 → भाव 9

फरवरी में बुध दूसरे भाव से पीछे हटकर मकर राशि में लौटता है, वह भी ग्रहण वाले महीने में; अपनी बात कहने से पहले उसे लिखकर परखें और कमाई-खर्च के आँकड़े मिलाएँ। जून का वक्री छठे भाव में रहता है, जहाँ सहकर्मियों के ईमेल, शिफ़्ट की योजना और रोज़ के काम की सूची में चूक पकड़ना आसान होता है। अक्टूबर का दौर दसवें से नवें भाव में जाता है: पदोन्नति या यात्रा के कागज़ों में देर हो तो फॉलो-अप जारी रखें। जनवरी से अप्रैल की शुरुआत तक मंगल वक्री होकर आठवें से सातवें भाव में आता है, जिससे साझेदारी में दबे तनाव ऊपर आ सकते हैं; उन्हें शांति से निपटाएँ। इस वर्ष शुक्र का कोई वक्री काल नहीं है, जो आपके रिश्तों के लिए स्थिरता का संकेत है।

2027: तिमाही दर तिमाही

जनवरी–मार्च

मकर संक्रांति के साथ सूर्य आपकी राशि में आता है और फरवरी के मध्य तक आत्मविश्वास को केंद्र में रखता है। फरवरी में आपकी राशि का वलयाकार सूर्य ग्रहण और बुध वक्री दोनों पहले भाव को छूते हैं, इसलिए व्यक्तिगत लक्ष्यों की सूची फिर से गढ़ें। जनवरी के अंत से सातवें भाव का गुरु रिश्तों में गर्मजोशी लाता है और फरवरी के अंत में शुक्र आपकी राशि में आ जाता है। सुझाव: नए संकल्प ग्रहण के बाद के हफ़्तों में पक्के करें।

अप्रैल–जून

अप्रैल में मंगल और फिर गुरु के मार्गी होने से सातवें भाव के मामले, जैसे विवाह की बातचीत या व्यापारिक अनुबंध, आगे बढ़ने लगते हैं; यह तिमाही रिश्तों को औपचारिक रूप देने के लिए अनुकूल है। जून की शुरुआत में शनि चौथे भाव में आता है और ढैय्या आरंभ होती है, जिससे घर-परिवार के काम बढ़ सकते हैं। उसी महीने छठे भाव में बुध वक्री दफ़्तर की रफ़्तार धीमी करता है। सुझाव: घर के बड़े खर्चों की सूची मई में बना लें।

जुलाई–सितंबर

जुलाई से अगस्त के मध्य तक तीन ग्रहण आपकी राशि और सातवें भाव पर पड़ते हैं, इसलिए अपने और साथी के बीच अपेक्षाओं का ईमानदार लेखा-जोखा इस तिमाही का मुख्य काम है। आठवें भाव का गुरु साझा पैसे, बीमा या संयुक्त संपत्ति के कागज़ दुरुस्त करने में मदद करता है। अगस्त से शनि वक्री होकर चौथे भाव में घर का कोई अधूरा काम दोबारा सामने लाता है। सुझाव: दोनों पूर्णिमाओं के आसपास अपना कार्यक्रम हल्का रखें और पूरी नींद लें।

अक्टूबर–दिसंबर

अक्टूबर का बुध वक्री दसवें भाव में करियर के फैसलों को थोड़ा रोकता है, पर महीने के उत्तरार्ध में शनि के तीसरे भाव में लौटते ही ढैय्या समाप्त होती है और मन हल्का होता है। नवंबर के अंत में गुरु नवें भाव में पहुँचकर पढ़ाई, यात्रा और किसी मार्गदर्शक से जुड़ाव को बढ़ावा देता है। दिसंबर के मध्य से शुक्र आपकी राशि में रहकर साल का समापन मधुर बनाता है। सुझाव: 2028 के लिए कोई कोर्स या लंबी यात्रा अभी से तय कर लें।

2027 की आपकी मुख्य तारीखें

तारीखघटनाआपका भाव
10 जनवरी को 00:34 बजेबुध का आपकी राशि में प्रवेश—
10 जनवरी को 18:29 बजेमंगल वक्री (सिंह)भाव 8
14 जनवरी को 21:06 बजेसूर्य का आपकी राशि में प्रवेश (संक्रांति)—
25 जनवरी को 02:12 बजेगुरु वक्री होकर कर्क में लौटता हैभाव 7
6 फ़रवरी को 21:29 बजेवलयाकार सूर्य ग्रहण (मकर)भाव 1
9 फ़रवरी को 23:06 बजेबुध वक्री (कुंभ)भाव 2
21 फ़रवरी को 04:42 बजेउपच्छाया चंद्र ग्रहण (सिंह)भाव 8
24 फ़रवरी को 15:12 बजेशुक्र का आपकी राशि में प्रवेश—
3 मार्च को 18:02 बजेबुध मार्गी (मकर)भाव 1
1 अप्रैल को 19:38 बजेमंगल मार्गी (कर्क)भाव 7
13 अप्रैल को 07:41 बजेगुरु मार्गी (कर्क)भाव 7
3 जून को 04:43 बजेशनि का मेष में गोचरभाव 4
10 जून को 23:45 बजेबुध वक्री (मिथुन)भाव 6
26 जून को 04:50 बजेगुरु का सिंह में गोचरभाव 8
5 जुलाई को 01:09 बजेबुध मार्गी (मिथुन)भाव 6
18 जुलाई को 21:33 बजेउपच्छाया चंद्र ग्रहण (मकर)भाव 1
2 अगस्त को 15:36 बजेपूर्ण सूर्य ग्रहण (कर्क)भाव 7
9 अगस्त को 23:36 बजेशनि वक्री (मेष)भाव 4
17 अगस्त को 12:43 बजेउपच्छाया चंद्र ग्रहण (मकर)भाव 1
7 अक्टूबर को 20:07 बजेबुध वक्री (तुला)भाव 10
20 अक्टूबर को 08:13 बजेशनि वक्री होकर मीन में लौटता हैभाव 3
28 अक्टूबर को 19:40 बजेबुध मार्गी (कन्या)भाव 9
26 नवंबर को 18:07 बजेगुरु का कन्या में गोचरभाव 9
15 दिसंबर को 08:06 बजेशुक्र का आपकी राशि में प्रवेश—
24 दिसंबर को 08:17 बजेशनि मार्गी (मीन)भाव 3
27 दिसंबर को 12:57 बजेमंगल का आपकी राशि में प्रवेश—

भाव आपकी राशि, यानी चंद्र राशि से गिने जाते हैं: जन्म के समय चंद्रमा जिस राशि में था, वही पहला भाव है, और आपकी जन्म कुंडली में यही राशि लिखी होती है। लग्न पता हो तो उस राशि का राशिफल भी पढ़ें। कुंडली मिलान

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मकर राशि वालों के लिए 2027 का वर्ष कैसा रहेगा?

मकर चंद्र राशि वालों के लिए 2027 पहचान और साझेदारी का वर्ष है। राहु पूरे साल आपकी राशि में और केतु सातवें भाव में है। गुरु पहले छह महीने सातवें भाव से रिश्तों को, फिर आठवें भाव से साझा धन को और नवंबर के अंत से नवें भाव से भाग्य व पढ़ाई को सहारा देता है। राशि स्वामी शनि अधिकतर तीसरे भाव से मेहनत का फल देता है।

मकर राशि के लिए 2027 में विवाह और प्रेम के योग कैसे हैं?

मकर राशि के लिए 2027 का पहला आधा हिस्सा रिश्तों के लिए सबसे अहम है, क्योंकि 25 जनवरी से 26 जून तक कर्क का गुरु आपके सातवें भाव में बैठा है। विवाह की बातचीत तब सहज आगे बढ़ सकती है, खासकर अप्रैल के बाद। केतु भी इसी भाव में है, इसलिए साथी की निजी जगह का सम्मान करें; अगस्त का सूर्य ग्रहण रिश्ते की दिशा स्पष्ट करता है।

मकर राशि वालों को किन महीनों पर खास ध्यान देना चाहिए?

मकर राशि के लिए फरवरी सबसे अहम है, जब आपकी राशि में वलयाकार सूर्य ग्रहण और बुध वक्री साथ आते हैं। अप्रैल के मध्य में सातवें भाव में गुरु मार्गी होता है। 3 जून से 20 अक्टूबर तक चौथे भाव में शनि की ढैय्या चलती है, जुलाई-अगस्त में तीन ग्रहण पड़ते हैं और 26 नवंबर से गुरु नवें भाव में आकर भाग्य को सहारा देता है।

2027 में मकर राशि पर पूरे साल राहु का गोचर क्या संकेत देता है?

मकर राशि वालों के लिए 2027 में राहु पूरे साल पहले भाव में यानी आपकी अपनी राशि पर रहता है। यह नई पहचान गढ़ने और बड़ी महत्वाकांक्षाएँ पालने की भूख बढ़ाता है। इसका संतुलन सातवें भाव का केतु करता है, जो साथी की बात ध्यान से सुनने की याद दिलाता है। दिखावे के बजाय ठोस काम पर टिके रहना इस गोचर का सबसे अच्छा उपयोग है।

सभी 12 राशियों का राशिफल 2027

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तारीखें और समय भारतीय मानक समय (IST) में दिए गए हैं। ग्रह स्थितियाँ Swiss Ephemeris से निरयण पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) में निकाली गई हैं।